Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बेकिंग सोडा और नींबू-मानसून में सà¥à¤•िन पर खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के लिठनहाते वकà¥à¤¤ à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में 2 टेबलसà¥à¤ªà¥‚न बेकिंग सोडा और 1 टेबलसà¥à¤ªà¥‚न नींबू पानी डालकर मिला लें। इस पेसà¥à¤Ÿ को सà¥à¤•िन पर अचà¥à¤›à¥€ तरह लगाà¤à¤‚ और 5 से 10 मिनट के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें। इसके बाद धो लें। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को हर दिन कम से कम à¤à¤• बार जरूर करें। खà¥à¤œà¤²à¥€ से आराम मिलेगा।
चंदन-सà¥à¤•िन पर चंदन का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² फायदेमंद है। मानसून में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ हो गई तो चंदन का लेप लगाने से जलà¥à¤¦ राहत मिल सकती है। चंदन पाउडर में थोड़ा सा गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल मिलाकर इस लेप को खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगह पर लगाà¤à¤‚। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। चंदन लेप के रोजाना इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से जलà¥à¤¦ ही खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है।
नीम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें-नीम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कई तरह की बीमारियों के लिठकिया जाता है। खà¥à¤œà¤²à¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठà¤à¥€ नीम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बरसों से किया जा रहा है। अगर बारिश के मौसम में खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहें हैं तो नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पीसकर खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगह पर लगाà¤à¤‚। नीम में à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो खà¥à¤œà¤²à¥€ को खतà¥à¤® करने में मदद करते हैं।
नारियल तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें-नारियल तेल में à¤à¤‚टी इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं। यह सà¥à¤•िन के लिठकाफी फायदेमंद माना जाता है। नारियल तेल सà¥à¤•िन को नरिश करने के साथ-साथ सà¥à¤•िन पर होने वाले इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को à¤à¥€ ठीक करने में उपयोगी है। मानसून में खà¥à¤œà¤²à¥€ हो रही हो तो नारियल तेल लगाà¤à¤‚, जलà¥à¤¦ ही आराम मिलेगा।
गेंदे का फूल-गेंदे का फूल दाद, खाज जैसी बीमारी का रामबाण इलाज होता है। गेंदे में कई तरह की à¤à¤‚टी फंगल और à¤à¤‚टी-à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ होती हैं जो दाद, खाज, खà¥à¤œà¤²à¥€ जैसी पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ को जड़ से दूर कर देती है। लंबे टाइम से खाज-खà¥à¤œà¤²à¥€ से परेशान हैं तो ये नà¥à¤¸à¥à¤–ा बड़े काम का है।
शंखपà¥à¤·à¥à¤ªà¥€-शंखपà¥à¤·à¥à¤ªà¥€ à¤à¤• सफेद फूल की जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के पंचकरà¥à¤® में होता है। शंखपà¥à¤·à¥à¤ªà¥€ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ कड़वा होता है। शंखपà¥à¤·à¥à¤ªà¥€ सà¥à¤•िन के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। इसके तेल को दाद पर लगाने पर राहत मिलती है।
अमलतास-अमलतास को आरगà¥à¤µà¤§ कहा जाता है। अमलतास में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। अमलतास के सेवन या इसका लेप लगाने से दाद में राहत मिलती है। साथ ही ये सà¥à¤•िन पर होने वाली जलन को à¤à¥€ कम करता है।
| --------------------------- | --------------------------- |